कोरोना वायरस तो जान ले ही रहा इससे बचने के उपाय से भी 208 मौतें

0
188

देश में जब से लॉकडाउन शुरू हुआ है यानी 25 मार्च 2020 से लेकर अब तक रोज़ औसतन चार मज़दूरों की मौत हो रही है.

कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किए लगभग दो महीने हो चुके हैं. लॉकडाउन के अचानक हुए इस ऐलान के बाद देश में हज़ारों प्रवासी मज़दूरों को अपने घरों के लिए पैदल ही चलना पड़ा क्यों अंतरराज्यीय बस और रेल सेवाएं बंद की जा चुकी थीं.

24 मार्च से लेकर अब तक देश भर में हुए कई सड़क हादसों में भी बड़ी संख्या में प्रवासी मज़दूरों की जान गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लॉकडाउन के बाद सड़क हादसों और सेहत बिगड़ जाने से अब तक कुल 208 मज़दूरों की मौत हो चुकी है.

लॉकडाउन की घोषणा इसलिए की गई थी ताकि कोरोना वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन को रोका जा सके.

पीएम मोदी ने लोगों से घरों में रहने और फ़िज़िकल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की थी. लेकिन अचानक हुई घोषणा के बाद भागमभाम सी मच गई और हज़ारों मज़दूर पैदल, साइकिल रिक्शा से और ट्रकों में लदकर जाने लगे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here